अपना पथ एक आध्यात्मिक समूह है जो ध्यान, सेवा और आत्मबोध के माध्यम से लोगों को आंतरिक शांति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा और दिशा प्रदान करता है।
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REAL TRUTH OF LIFE & SCIENTIFIC THEORY OF
सत्य या ईमान का पैगाम
युग परिवर्तन का वैज्ञानिक सिद्धान्त
ए – (2) :- सनातन सिद्धान्त की मस्तिष्क परिवर्तन उपलब्धि आज सन् 2020 से लगभग 10,000 वर्ष पूर्व भगवान शंकर या बाबा आदम द्वारा उतारी या खोज की गई थी जो तत्व ज्ञान पर आधारित सनातन सिद्धान्त है
(तत्व ज्ञान का अर्थ है जीवन को चलाने वाले मस्तिष्क में कार्यरत तरंग या क्रियाओं कीं अलग-अलग पहचान करना है आज से 5000 वर्ष पूर्व सनातन सिद्धान्त के प्रकृतिवाद को छल करके अपहरण कर लिया गया है
था जिससे विश्व में दिन-प्रतिदिन अँधेरा होता आया है और मनुष्य के भौतिक मस्तिष्क से धर्म, राजनीति, विज्ञान, द्वारा ना-ना प्रकारका अविष्कार करके व्यक्ति को सुख,शांति,आनन्द,का जीवन प्रदान करने का प्रयास कर रहा है । पर मनुष्य एक प्राकृतिक प्राणी है और शरीर के बहार का कोई भी अविष्कार मनुष्य के अंदर उसके प्रकृति वाद का परमानंद या स्वर्ग – जन्नत की जीवन क्रिया को क्रियान्वित नहीं कर सका है वल्कि इन भौतिक अविष्कारों से मनुष्य पूर्व की अपेक्षा आज और भी अधूरा हो गया है ।अभी हम * सनातन पुरूष * के द्वारा सनातन सिद्धान्त का वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत होगा जिसकी प्रयोग क्रिया एक अति दुर्लभ जीवन आनंद भी है इस प्रयोग द्वारा जीवन आनन्द की प्राप्ति के लिए नशे में लुप्त हो रहे सभी मनुष्य सरलता पूर्वक अपने मस्तिष्क में अशांति पैदा करने वाली तरंग को समाप्त करके नशे से भी अनन्त गुना उँचा प्राकृतक मस्तिष्क के परमानंद – स्वर्ग – जन्नत के जीवन क्रिया में स्थापित होकर भगवान – पैगम्बर के जैसे पाक मानसिकता में अन्तर्मुखी होते चले जायेंगे इससे व्यक्ति की मृत्यु दुःख रहित होगी और उसके रूह या आत्मा का मोक्ष हो जायेगा या व्यक्ति चाहेगा तो अपने प्राकृतिक मस्तिष्क में कामना करके * हजरत मूसा अली सलाम एवं महात्मा कबीर *जैसे अपने शिथिल शरीर को मृत्यु से पूर्व ही वायु मंडल में लुप्त कर लेगा ऐसी विलुप्त मृत्यु जंगल के सभी स्वतंत्र जीव धारी प्राणियों की होती है इसके साथ ही धर्म, राजनीति, विज्ञान का महत्व समाप्त हो जाता है यही युग परिवर्तन है तथा यही सत्ययुग, ईमान कायम है।
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(हरिनन्द सरस्वती9811074545 )